शांति हेतु बच्चों ने वाटिकन में रोजरी प्रार्थना की
वाटिकन के लूर्द गोरोटो में बच्चों के संग पोप लियो 14वें के रोजरी बिन्ती की।
वाटिकन के लूर्द गोरोटो में, 1300 लोगों ने- जिसमें 700 बच्चे शामिल थे, पोप लियो के संग पाँच अलग-अलग भाषाओं में विश्व शांति हेतु मरियम से प्रार्थना की।
कुंवारी मरियम को समर्पित अक्टूबर महीने की पहली तारीख को विश्व के लाखों बच्चों ने विश्व शांति हेतु माता मरियम से रोजरी प्रार्थना की। करीब 1300 लोगों ने वाटिकन स्थिति लूर्द के गोरोटो में माता मरियम के पास माला विन्ती की जिसमें बच्चों की संख्या 700 थी। ये बच्चे रोम के विभिन्न पल्लियों और विद्यालयों से जमा हुए थे जिन्होंने पोप लियो 14वें के संग मिलकर विश्व भर के अन्य “एक मिलियन बच्चों के संग रोजरी” प्रार्थना इतालवी, स्पानी, ऊर्द, जर्मन और अरबी भाषा में की।
प्रार्थना का लक्ष्य
यह रोज़री बिन्ती एक हफ़्ते तक चलने वाली उस पहल की शुरुआत है जो दुनिया भर के “लोगों के ज़ख्मों और उम्मीदों” की ओर ध्यान आकर्षित कराती है- जैसे कि यूक्रेन के बच्चे और युद्धग्रस्त पीड़ित देशों- लेबनान, सीरिया और पवित्र भूमि, येरूसालेम के परिवार, पाकिस्तान और दुनिया भर में सताए जा रहे ख्रीस्तीयों के आलावे दक्षिण सूडान में मेल-मिलाप के साथ क्यूबा और वेनेज़ुएला के परिवारों में शांति और एकता का लक्ष्य रखती है।
रोजरी माला की प्रार्थना के पूर्व, ख्रीस्तीय एकता को बढ़ावा देने वाले विभाग के प्रमुख कार्डिनल कर्ट कोच ने बताया कि यह पहल बच्चों के लिए एक निमंत्रण है जहाँ वे कुंवारी मरियम के सानिध्य में आते हुए उनके संग मिलकर विश्व के दुःखों को येसु तक पहुँचा सकते हैं।”
उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा, “छोटे बच्चों की आवाज, जो पूरे भरोसे में अपने को ईश्वर के लिए सौंपते हैं, ईश्वर के हृदय में एक खास जगह बनाती है।” यह पूरा सप्ताह 1 से 7 अक्टूबर तक - विश्व के विभिन्न स्थानों में, अलग-अलग भाषाओं और दूरियों के बावजूद हम सभी एक समुदाय के रुप में शांति के लिए अपनी प्रार्थना में एकजुट होंगे।
कार्डिनल कोच ने कहा, “जब हम पुनर्जीवित ईसा मसीह पर चिंतन करते हैं, तो हम यही प्रार्थना करते हैं कि डर और नफ़रत हम पर हावी न हों।”
एक विशेष उपहार
अपने संदेश में पोप लियो 14वें इस पहल की महत्वपूर्णतः पर जोर देते हुए बच्चों के संग अभिभावकों, माता-पिता, पुरोहितों के एक साथ आने की खुशी जाहिर की। बच्चों को प्रोत्साहन देते हुए संत पापा ने कहा, “वे येसु और मरियम से एक विशेष उपहार की मांग करते हैं- जो विश्व भर के बच्चों के लिए शांति है, विशेषकर उनके लिए जो विश्व के बहुत से स्थानों में युद्धग्रस्त स्थितियों में जीवनयापना करते हैं।”
उन्होंने कहा, “रोजरी एक सरल प्रार्थना है जिसे हर कोई कर सकता है” संत पापा ने इस बात की याद दिलाई कि हम येसु को उनके जीवन के महत्वपूर्ण समय और स्थितियों में देखें। लूर्द के गोरोटो में रोजरी प्रार्थना में सहभागी हो रहे सभों को संत पापा ने इस बात की याद दिलाते हुए कहा कि हम अपने जीवन में अच्छा व्यवहार करने के लिए बुलाये गये हैं, चाहे हम जहाँ कहीं भी हों- घर में, स्कूल, धर्मशिक्षा के वर्ग, माता-पिता के संग और खेल रहे हो।
पोप लियो 14वें ने कहा, “प्रार्थना के साथ-साथ अच्छे कार्य और प्रेम भरे काम भी होने चाहिए। केवल ऐसा करने के द्वारा हम शांति प्रसारित करते हैं।” संत पापा ने, येसु के जीवन की घटनाओं की ओर बच्चों का ध्यान आकर्षित कराया जहाँ उन्होंने “लोगों के जीवन में रोशनी और शांति स्थापित किया” – यर्दन नदी में बपतिस्मा, काना के विवाह भोज में पानी को दाखरस में बदलना, ईश्वरीय राज्य की घोषणा, उनका दिव्य रूप धारण करना और आंतिम व्यारी में परमप्रसाद की स्थापना।
पोप लियो ने बच्चों से कहा कि वे इन पलों को कभी न भूलें और उनके लिए येसु ख्रीस्त के प्रति हृदय से उद्गार प्रकट करें क्योंकि उन्होंने “हमें आश्चर्यजनक उपहार दिये हैं” हम अपने “पूरे विश्वास और एकता में यह प्रार्थना करें कि वे- हमें शांति दें।”
5 करोड़ “प्राणाम मरियम” की प्रार्थना
बच्चों और परिवारों के लिए अपना संदेश खत्म करते हुए, पोप ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस हफ़्ते, 1-7 अक्टूबर तक वाटिकन गार्डन में मौजूद लोग ही अकेले प्रार्थना नहीं कर रहे हैं। इस प्रार्थना में लगभग 10 लाख और लोग भी उनके साथ शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हम इस बात पर विचार करें, दुनिया के हर कोने से और हर भाषा में 5 करोड़ “प्रणाम मरियम” की प्रार्थनाएँ स्वर्ग तक पहुँच रही हैं। ये प्रार्थनाएँ शांति के लिए हैं और एक विशाल माला की तरह जुड़कर दुनिया के सभी महाद्वीपों, लोगों और देशों को गले लगा रही हैं।”
