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नारी: सृष्टि की आधारशिला, शक्ति और संवेदना का स्वरूप

नारी इस सृष्टि की सबसे सुंदर, संवेदनशील और शक्तिशाली रचना है। वह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की आधारशिला है। नारी जीवन के हर क्षेत्र में अपनी महत्ता सिद्ध करती आई है। वह माँ है, बहन है, बेटी है, पत्नी है, मित्र है और समाज की निर्माता भी है। उसकी करुणा, त्याग, प्रेम, धैर्य और साहस मानव जीवन को दिशा देते हैं। भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्वरूप माना गया है। उसे शक्ति, लक्ष्मी और सरस्वती के रूप में पूजनीय स्थान दिया गया है। वास्तव में नारी केवल सम्मान की पात्र नहीं, बल्कि समाज की प्रगति का मूल आधार है।
Apr 28, 2026
  • एआई पर पोप: सबकी भलाई के लिए सभी से बातचीत करना ज़रूरी है

    Jul 09, 2026
    "एआई के लिए उत्तम वैश्विक शिखर सम्मेलन" के लिए कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन द्वारा हस्ताक्षरित एक संदेश में, पोप लियो14वें ने बताया कि कैसे "मग्निफिका ह्यूमानितास" का जन्म कृत्रिम बुद्धिमता पर कई लोगों की बातें सुनने और इस प्रौद्योगिकीय विकास के बुरे असर को समझने से हुआ।
  • प्रेरित संत थोमस के पर्व पर "भारतीय ख्रीस्तीय दिवस"

    Jul 06, 2026
    प्रेरित संत थोमस 52 ईस्वी के आसपास भारत आए और 72 ईस्वी में दक्षिण भारत के तमिलनाडु में चेन्नई के पास शहीद हो गए थे। उनकी शहादत 3 जुलाई को याद की जाती है। वर्ष 2021 से ही भारत के सभी कलीसियाओं के ख्रीस्तीय प्रेरित संत थोमस के पर्व पर "भारतीय ख्रीस्तीय दिवस" मनाते आ रहे हैं।
  • कोलकाता के गरीबों को पोषण देता है मिड-डे मील

    Jun 08, 2026
    दोपहर के समय कोलकाता के सियालदह रेलवे स्टेशन के बाहर, 62 साल के फुटपाथ पर रहने वाले रफीक अली ने गर्म चावल और आलू की सब्जी से भरी एल्युमीनियम की प्लेट थाम रखी है। उनकी आँखों में चमक आ जाती है जब वे कहते हैं, "दिन भर में मुझे बस यही एक बार खाना मिलता है। इसके बिना मैं भूखा रह जाता। वे हमारे साथ इंसानों जैसा बर्ताव करते हैं, भिखारियों जैसा नहीं।"

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