वेनेज़ूएला के भूकम्प पीड़ितों हेतु पोप ने भेजा अर्थदान
पोप लियो 14 वें ने वेनेज़ूएला के भूकम्प पीड़ितों के लिये एक लाख अमरीकी डॉलरों का आरम्भिक आपात कालीन अर्थदान प्रेषित किया है। भयानक भूकम्प में कम से कम 164 लोग मारे गए हैं और बहुत अधिक तबाही हुई है।
पोप लियो 14 वें ने वेनेज़ूएला के भूकम्प पीड़ितों के लिये एक लाख अमरीकी डॉलरों का आरम्भिक आपात कालीन अर्थदान प्रेषित किया है। भयानक भूकंप के बाद बचाव का कार्य जारी है, जिसमें कम से कम 164 लोग मारे गए हैं और बहुत अधिक तबाही हुई है।
भारी भूकम्प
वेनेज़ूएला की कार्यकारी राष्ट्रपति डेल्सी रॉडरिग्ज़ ने 164 लोगों के मारे जाने तथा 971 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। वेनेज़ूएला के सरकारी टीवी चैनल के अनुसार, दो भारी भूकम्पों के बाद 30 झटके और लगे। बुधवार शाम को क़रीब 6 बजे कुछ ही सेकंड के अंतराल में दो शक्तिशाली भूकंप आये, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता वाला था, जबकि दूसरा 7.5 तीव्रता का था। बताया जाता है कि दूसरा झटका सन् 1900 के बाद देश में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप था।
शुरुआती मदद
भूकम्प का समाचार पाने तथा आपदा का पूरा रूप सामने आने पर गुरुवार को पोप लियो 14 वें ने वाटिकन के प्रेरितिक दानदाता कार्यालय के ज़रिए एक लाख यूरो का शुरुआती आपातकालीन अर्थदान भेजा है।
परमधर्मपीठ का कहना है कि वेनेज़ूएला में परमधर्मपीठ के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष आल्बेर्तो ओरतेगा मार्टिन और काराकास के महाधर्माध्यक्ष राउल बिओर्द कास्टील्लो को भेजी गई उक्त राशि सहायता का मात्र पहला कदम है, जिसके बाद स्थानीय कलीसिया द्वारा बताई ज़रूरतों के अनुसार और मदद दी जाएगी।
पोप लियो 14 वें का अर्थदान ऐसे समय में आया जब देश भर के काथलिक समुदाय बेघर परिवारों को पनाह देने के लिए पल्ली भवनों को खोल रहे हैं और विश्व व्यापी काथलिक उदारता संगठन कारितास की स्थानीय शाखा के माध्यम से पीड़ितों के राहत कार्यों का इंतज़ाम कर रहे हैं।
तबाही और राहतकार्य
इसी बीच, राहतकर्मी एवं बचाव दल कई ढही हुई इमारतों के मलबों में अभी भी बचे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं। काराकास के साईमन बोलिवर अन्तरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को बन्द कर दिया गया है, जबकि राजधानी के उत्तर में तटीय राज्य ला-गवाएरा में सबसे ज़्यादा तबाही की खबर मिली है, जहाँ दर्जनों इमारतें ढह गई हैं।
बताया जाता है काराकास के काथलिक महागिरजाघर, कई पल्ली गिरजाघरों और साथ ही काथलिक गुरुकुल एवं अन्य कलीसियाई भवनों को भी भारी क्षति पहुँची है। इसके बावजूद, कलीसियाई नेता एवं कार्यकर्त्ता बेघर लोगों के लिये शरण एवं भोजन आदि का इन्तज़ाम कर रहे हैं। सम्पूर्ण अमरीका एवं विश्व के कई देशों से मदद आनी शुरु हो गई है तथा सर्च-एंड-रेस्क्यू दल मलबे के नीचे से और ज़िंदा लोगों को ढूंढने की उम्मीद में तेज़ी से काम कर रहे हैं।