देवदूत प्रार्थना के उपरांत सम्बोधित करते हुए पोप फ्राँसिस ने विश्वभर में शांति के लिए अपनी अपील दोहराई तथा संघर्षवाले क्षेत्रों, विशेषकर कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के पूर्वी प्रांतों में बच्चों की सुरक्षा का आह्वान किया।
संचार विभाग द्वारा आयोजित धर्मबहनों के साथ वैश्विक जयंती सम्मेलन में दुनिया भर की धर्मबहनें अपनी परियोजनाओं, मिशनों, अनुभवों और साक्ष्यों को साझा करती हैं।
लगभग 80 धर्मबहनें वाटिकन में मिली और अपना विश्वास साझा किया कि संचार केवल मीडिया पेशेवरों के लिए ही नहीं बल्कि सभी के लिए है, क्योंकि हम में से प्रत्येक शब्दों, इशारों और अभिव्यक्ति के अन्य रूपों के माध्यम से दूसरों से जुड़ता है।
वैश्विक संघर्षों के बीच, नव निर्मित “अखंड बाल” एलायंस, युद्ध से प्रभावित बच्चों और परिवारों के लिए आशा और स्थायी परिवर्तन लाने के लिए काम कर रहे मानवतावादी समूहों से सहयोग कर रहा है।
अल्बानिया की ऑर्थोडॉक्स कलीसिया को भेजे संदेश में पोप फ्राँसिस ने तिराना, डुरेस और ऑल अल्बानिया के महाधर्माध्यक्ष अनास्तास के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की और धर्म के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और उनके प्रेरितिक समर्पण को याद किया।
देश में तख्तापलट के चार साल बाद, एड टू द चर्च इन नीड (जरूरतमंदों को कलीसिया की सहायता) ने 1 फरवरी को म्यांमार में शांति के लिए 24 घंटे प्रार्थना का आयोजन किया है।
धर्मबहनों के साथ जुबली सम्मेलन के दौरान, वाटिकन संचार विभाग के प्रीफेक्ट ने बातचीत के महत्व पर प्रकाश डाला, उन्होंने कहा कि हमारी पहचान और दुनिया पर प्रभाव उन कहानियों से आकार लेते हैं जो हम साझा करते हैं।
पूर्वी कांगो के सबसे बड़े शहर गोमा पर कब्ज़ा करने वाले रवांडा समर्थित विद्रोहियों का कहना है कि वे अपनी लड़ाई देश की राजधानी किंशासा तक ले जाना चाहते हैं।