शहीद धन्य रानी मारिया को याद करते हुए, 31वां शहीदी दिवस मनाया गया

उदयनगर, 25 फरवरी, 2026: 25 फरवरी बुधवार को शहीद धन्य रानी मारिया 31वां शहीदी दिवस इंदौर धर्मप्रांत के उदयनगर पल्ली में मनाया गया। शहीद धन्य रानी मारिया के इस पर्व को मनाने के लिए 6 धर्माध्यक्ष, 50 पुरोहित, 160 धर्मबहनें और करीब 600 से अधिक श्रद्धालुजन एकत्रित हुए। 
पर्व की पवित्र मिस्सा की अध्यक्षता झाबुआ धर्मप्रांत के बिशप पीटर रूमल खराडी ने 5 अन्य बिशपों- मेट्रोपोलिटन आर्चडायसिस के आर्च बिशप मार सेबेस्टियन वडाकेल, ग्वालियर धर्मप्रांत के बिशप जोसेफ थिक्कट्टिल, आर्चबिशप लियो कार्नेलिओ SVD, बिशप चाको SVD, इंदौर धर्मप्रांत के बिशप थॉमस मैथ्यू, तथा अन्य 50 पुरोहितों की सहभागिता में की।

अपने प्रवचन में आर्चबिशप लियो कार्नेलिओ SVD ने कहा- रानी मारिया ने बलिदान और सेवा का कार्य द्वारा इस दुनिया को स्वर्ग बनाने की कोशिश की। उन्हें जान का खतरा था, मगर उन्होंने लोगों की सेवा के लिए इसकी परवाह नहीं की और अपना जीवन बलिदान कर दिया। हमें भी रानी मारिया के समान अपने मनोभाव को सकारात्मक रखकर इस दुनिया के लिए कार्य करना चाहिए। ख्रीस्तीय धर्म प्रभु येसु की शिक्षा के अनुसार चलता है। प्रेम की कीमत होती है, जब तक हम प्रेम की कीमत नहीं चूकाते है, तब तक हम प्रेम करना नहीं सीख पाते है। धन्य रानी मरिया हमारे लिए एक मिसाल पेश की है। वह इन मुसीबतों से दूर जा सकती थी मगर उन्होंने ईश्वर के प्रेम को लोगों तक पहुँचाया और अपने जीवन को लोगों के लिए बलिदान कर दिया। 

उन्होंने कहा कि बहुत से शहीदों ने अपने धर्म के कारण शहादत स्वीकार की। हमें अपने जीवन के द्वारा लोगों का मन परिवर्तन करना चाहिए क्योंकि हम सिर्फ लोगों का मन परिवर्तन कर सकते है। धर्म परिवर्तन हमारा कार्य नहीं है, यह ईश्वर का कार्य है। हमारा कार्य है लोगों के दिल और मन को परिवर्तित करना, लोगों को बुराई से अच्छाई की ओर लाना, पाप से सही मार्ग पर लाना, प्रेम को फैलाना, भाईचारे को फैलाना, और इस प्रकार से दुनिया को बेहतर बनाना। परिवर्तन आखिर दिल और मन का है, और अगर यह परिवर्तन हो जाए तो आने वाले समय में ईश्वर की कृपा से दुनिया बदल जाएगी।
पवित्र मिस्सा के पश्चात् 6 विश्वासियों ने अपने साक्ष्य दिए कि किस प्रकार शहीद धन्य रानी मारिया से प्रार्थना करने से उनके जीवन में परिवर्तन आया। साथ ही धन्य रानी मरिया के समाजिक समर्पण पर आधारित एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। 

धन्य रानी मारिया अपने प्यार, सेवा और त्याग से भरे जीवन से अनगिनत लोगों को प्रेरित करती रहती हैं। उनकी शहादत की सालगिरह न सिर्फ़ एक याद है, बल्कि समाज में प्यार, शांति और पॉज़िटिव बदलाव फैलाने का एक बुलावा भी है।