हथियारों से थोपी गई शांति झूठी है, कार्डिनल ज़ूप्पी

बोलेन्या के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल मातेओ मरिया ज़ूप्पी ने बुधवार को असीसी के सन्त फ्राँसिस महागिरजाघर में ख्रीस्तयाग अर्पित किया और कहा कि हथियारों से थोपी गई शांति झूठी है।

यूक्रेन तथा सम्पूर्ण विश्व में शांति हेतु इताली धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष और बोलेन्या के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल मातेओ मरिया ज़ूप्पी ने बुधवार को असीसी के सन्त फ्राँसिस महागिरजाघर में ख्रीस्तयाग अर्पित किया और कहा कि हथियारों से थोपी गई शांति झूठी है।

प्रकाश, आशा की आवश्यकता
असीसी के सन्त फ्राँसिस के निधन की आठ सौवीं पुण्य तिथी के उपलक्ष्य में सन्त के अवशेषों की प्रदर्शनी के मौके पर परमधर्मपीठ में यूक्रेन के राजदूतावास एवं सॉवरेन मिलिट्री ऑर्डर ऑफ़ माल्टा के तत्वाधान में ख्रीस्तयाग का आयोजन किया गया था।  

यूक्रेनी समुदाय के लगभग सौ प्रतिनिधियों और तमाम विश्व से आए कई तीर्थयात्रियों को सम्बोधित करते हुए, कार्डिनल ज़ूप्पी ने असीसी के संत की विरासत को याद किया जो आज भी “हर जगह दूसरे भाइयों से मिलने वाले एक भाई” हैं। इस “सार्वभौमिक हृदय” के साथ, कार्डिनल ने “युद्ध के अंत” की प्रार्थना की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि “हमें विश्व के लिये इस कठिन समय में ‘बहुत अधिक प्रकाश और आशा की आवश्यकता है।”

सच्ची शांति हथियारों में नहीं
कार्डिनल ज़ूप्पी ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि शांति हथियारों के जरिये नहीं अपितु केवल साथ मिलकर काम करने तथा साथ मिलकर एक दूसरे की रक्षा करने से पाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि शांति के अग्रदूत असीसी के सन्त फ्राँसिस आज भी हमसे बोलना जारी रख रहे हैं और "यह हमें यह समझने में मदद कर रहे हैं कि जीवन में वास्तव में क्या मायने रखता है, क्योंकि जीवन प्रेम का बंधन है जो बिना किसी अधिकार के प्रेम करने की स्वतंत्रता प्रदान करता।"  

कार्डिनल ने कहा कि सन्त फ्राँसिस के साथ, “हमें भाई-बहन होने का कोई डर नहीं है, हम दूरियों से परेशान हैं और उससे भयभीत हैं जो अपने भाई या बहन के खिलाफ हाथ उठाता है” क्योंकि “हर युद्ध भ्रातृ हत्या है।” सन्त पापा लियो के शब्दों को उद्धृत कर कार्डिनल ज़ूप्पी ने कहाः "इस युग में जिसमें कई कभी न खत्म होने वाली लड़ाइयाँ, डर उत्पन्न करनेवाले आन्तरिक और सामाजिक बँटवारे हैं, संत फ्रांसिस हमसे बोलना जारी रखते हैं। उनका जीवन शांति के यथार्थ स्रोत की तरफ़ इशारा करता है।" तथापि, ज़रूरी सवाल बना हुआ है: “हम युद्ध की तर्कणा को कैसे मान सकते हैं?”

हथियारों को मौन हो जाने दो

संत पापा पॉल षष्टम को उद्धृत करते हुए, कार्डिनल ने सभी को शांति के निर्माता बनने का आमंत्रण दिया, इसलिये कि "सिर्फ़ ताकत और बल के दम पर लाई गई शांति झूठी है, यदि आप शांति चाहते हैं, तो न्याय के लिए काम करें।"

कार्डिनल ज़ुप्पी ने "गाऊदियुम एत स्पेस"  का ज़िक्र करते हुए कहा, "युद्ध का हर वह काम जिसका लक्ष्य बिना सोचे-समझे पूरे शहरों को तबाह करना हो, वह ईश्वर और मानवता के खिलाफ़ अपराध है और उसकी निन्दा की जानी चाहिए।"

यूक्रेन की परिस्थिति पर दुख जताते हुए, उन्होंने स्वर्ग से गुज़ारिश की कि “हर जगह बमों की आवाज़ बंद हो जाए, हथियार शांत हो जाएं और बातचीत के लिए जगह खुलें जहां लोगों की आवाज़ सुनी जा सके।”

उन्होंने विश्वासियों से कहा कि वे एक सही और हमेशा रहने वाली शांति के लिए साहस की याचना करें और इस तरह से वार्तालाप और सम्वाद का दरवाज़ा खोलने की कोशिश करें जिससे सभी के लिए सही शांति सुनिश्चित की जा सके।