संत एंथनी के पर्व में 12,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया

इंदौर धर्मप्रांत के अंतर्गत स्थित लोकप्रिय संत एंथनी चर्च, महू में 13 जून को पादुआ के संत एंथनी का पर्व गहरी आस्था और भक्ति के साथ मनाया गया।

इस समारोह में तीन बिशप, 20 पुरोहित, 20 धर्मबंधु (ब्रदर्स), लगभग 150 धर्मबहनें (सिस्टर्स) तथा 12,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। तीर्थयात्री केवल मध्य प्रदेश से ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी इस अवसर पर पहुंचे।

इस पर्व की तैयारी के रूप में 4 जून से संत एंथनी के सम्मान में नौ दिनों तक ‘नोवेना’ प्रार्थनाएँ आयोजित की गईं। प्रतिदिन रोज़री, नोवेना प्रार्थना और पवित्र मिस्सा संपन्न किया गया।

इस भव्य यूखरिस्तीय समारोह की अध्यक्षता दिल्ली महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष अनिल जोसेफ कूटो ने की। सह-अनुष्ठानकर्ताओं में इंदौर धर्मप्रांत के बिशप थॉमस मैथ्यू, बिशप चाको थोट्टुमारिकल एसवीडी तथा 20 पुरोहित शामिल थे।

अपने उपदेश में महाधर्माध्यक्ष अनिल जोसेफ कूटो ने संत एंथनी के जीवन और उनके द्वारा किए गए चमत्कारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “पादुआ के संत एंथनी एक महान उपदेशक, शिक्षक और परमेश्वर-प्रेमी संत हैं। वे विशेष रूप से खोई हुई वस्तुओं के संरक्षक संत के रूप में प्रसिद्ध हैं। अनेक लोग अपनी मूल्यवान वस्तुएँ खो जाने पर उनसे प्रार्थना करते हैं और उनकी मध्यस्थता से उन्हें पुनः प्राप्त कर लेते हैं। किंतु संत एंथनी केवल खोई हुई वस्तुओं को ही नहीं ढूँढ़ने में सहायता करते, बल्कि वे हमें हमारी आध्यात्मिक रूप से खोई हुई चीज़ों—जैसे विश्वास, आशा, शांति, प्रेम और परमेश्वर के साथ संबंध—को भी पुनः खोजने में मदद करते हैं।”

इस चमत्कारी संत, संत एंथनी ऑफ पादुआ का चर्च महू छावनी में स्थित है और 13 जून को श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों के लिए खुला रहता है। लोगों की संत एंथनी के प्रति भक्ति इतनी गहरी है कि वे पूरे वर्ष इस पर्व की प्रतीक्षा करते हैं।

पर्व के दिन दूर-दूर से श्रद्धालु चर्च में पहुँचकर अपनी प्रार्थनाएँ अर्पित करते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। आसपास के क्षेत्रों से अनेक तीर्थयात्री पैदल यात्रा करके संत एंथनी चर्च पहुँचते हैं।

महू के निवासी एवं संत एंथनी के भक्त श्री सुमित धनराज ने कहा, “यह चमत्कारी संत उन सभी विश्वासियों की प्रार्थनाएँ सुनते हैं जो यीशु मसीह के प्रति उनकी मध्यस्थता के माध्यम से पूर्ण समर्पण करते हैं। महू स्थित संत एंथनी ऑफ पादुआ के इस पवित्र चर्च की तीर्थयात्रा करने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास और भरोसा, परमेश्वर की ओर से चमत्कारों के रूप में अनेक आशीषों की वर्षा लेकर आता है।”

संत एंथनी ऑफ पादुआ (1195–1231) पुर्तगाल में जन्मे एक फ्रांसिस्कन धर्मसंघी, प्रसिद्ध उपदेशक और धर्मशास्त्री थे। वे पवित्र धर्मग्रंथों के गहन ज्ञान, प्रेरणादायक प्रवचनों और गरीबों के प्रति करुणा के लिए अत्यंत सम्मानित थे। वे कलीसिया के सबसे प्रिय संतों में गिने जाते हैं और विशेष रूप से खोई हुई वस्तुओं के संरक्षक संत के रूप में जाने जाते हैं। आज भी असंख्य लोग अपनी खोई हुई वस्तुओं को पाने या जीवन की कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करने के समय उनकी मध्यस्थता की प्रार्थना करते हैं।

पवित्र मिस्सा के बाद संत एंथनी की प्रतिमा को एक विशेष पालकी में स्थापित कर चर्च के चारों ओर तीन बार शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने भी अपनी व्यक्तिगत प्रार्थनाओं और मनोकामनाओं के साथ इस परिक्रमा में भाग लिया। शोभायात्रा के पश्चात भक्तों ने अपनी आस्था और भक्ति की अभिव्यक्ति के रूप में संत एंथनी की प्रतिमा वाली पालकी के नीचे से होकर गुजरे। संत एंथनी की मध्यस्थता द्वारा उन्होंने परमेश्वर से प्रार्थना की तथा अपनी विनतियाँ और मनोकामनाएँ उनके समक्ष प्रस्तुत कीं।