यमन, सूडान और फिलीस्तीन बन रहे हैं भुखमरी के केन्द्र
रोम स्थित खाद्य एवं कृषि संगठन एफएओ तथा विश्व खाद्य कार्यक्रम डब्ल्यूएफओ की हाल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार यमन, सूडान और फिलीस्तीन भुखमरी के केन्द्र बन रहे हैं।
भूख के हॉटस्पॉट
खाद्य एवं कृषि संगठन एफएओ तथा विश्व खाद्य कार्यक्रम डब्ल्यूएफओ ने विश्व के 13 ऐसे देशों को गिनाया है जिन्हें भूख के हॉटस्पॉट बताया गया है और जहाँ लाखों लोग क्षुधापीड़ित हैं। इनमें यमन, सूडान और फिलीस्तीन सहित उत्तर-पूर्वी नाईजिरिया, बोर्नो और सोमालिया भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार भुखमरी का प्रमुख कारण इन क्षेत्रों में जारी सशस्त्र संघर्ष एवं युद्ध हैं। साथ ही आर्थिक झटके, अन्तरराष्ट्रीय मदद में भारी कमी और एल नीनो से जुड़े खराब मौसम के खतरे से हालात और मुश्किल हो रहे हैं। इनके अतिरिक्त, लंबे समय तक सूखा, अनियमित बारिश और बाढ़ से खेती की पैदावार और खाने के सामान तक पहुंच और भी मुश्किल हो सकती है।
संसाधनों की कमी
संयुक्त राष्ट्र संघ की उक्त दो एजेंसियों ने उपलब्ध संसाधनों में चिंताजनक कमी की भी रिपोर्ट दी है। 2022 और 2025 के बीच, खाद्य पदार्थों की मदद, आपातकालीन कृषि कार्य और पोषण कार्यक्रम के लिए अनुदान में 59% की कमी आई, जो लगभग एक दशक पहले देखे गए स्तर पर वापस आ गई।
यह भी बताया गया कि सूडान में साल 2026 में 195 लाख लोग यानि देश लगभग 41 प्रतिशत जनता ने भुखमरी का अनुभव किया। इसी प्रकार, दक्षिण सूडान में 78 लाख तथा फिलीस्तीन एवं यमन में लाखों अन्य लोग क्षुधा पीड़ित रहे।
खाद्य एवं कृषि संगठन एफएओ तथा विश्व खाद्य कार्यक्रम डब्ल्यूएफओ ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि आगामी खाद्य आपात स्थिति सबके समक्ष है, अस्तु इस संकट से निपटने के लिये शीघ्रातिशीघ्र उपयुक्त कदम उठाये जायें।