जब 'फेडरेशन ऑफ़ एशियन बिशप्स कॉन्फ़्रेंस' (FABC) जकार्ता में अपनी पूर्ण सभा (Plenary Assembly) की तैयारी कर रहा है, जिसका विषय है "सिनोडल बदलाव और एशिया में पुल और पुल-निर्माता बनने का मिशन," तो भारतीय पुरोहित फादर एम. डी. थॉमस का जीवन और सेवा कार्य इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हैं कि यह सोच असल में कैसी दिखती है।