यूनाइटेड क्रिश्चियन फोरम ने महाराष्ट्र सरकार से अपील की है कि वह हाल ही में लागू किए गए 'महाराष्ट्र धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम, 2026' को लागू करने में देरी करे। फोरम ने चेतावनी दी है कि इस कानून के प्रावधानों का इस्तेमाल ईसाइयों और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ गलत तरीके से किया जा सकता है।