इटली की पहली धर्माध्यक्षीय धर्मसभा के प्रतिभागियों को प्रेषित अपने संदेश में पोप फ्राँसिस ने कलीसिया से आग्रह किया है कि वह अपनी सिनॉडल यात्रा के "नबी होने के चरण" को जारी रखे, पवित्र आत्मा के प्रति खुला रहे, एकता के मार्ग पर चले तथा आनन्द और साहस के साथ सुसमाचार को जीये।