सुविचार अस्पतालों की अपनी एक अलग बात होती है अपनी सेहत की ज़िम्मेदारी दूसरों के हाथों में सौंपने और बेबस महसूस करने का एक अलग ही अहसास होता है—खासकर तब, जब आपके हाथों में ट्यूब लगी हों और छाती से तार जुड़े हों। जब टॉयलेट जाने के लिए भी आपको नर्सों की मदद की ज़रूरत हो।