पोप लियो : शांति अति आवश्यक है, जिम्मेदार फैसले जरूरी हैं
देवदूत प्रार्थना के उपरांत पोप ने यूक्रेन में विनाशकारी युद्ध के लिए दुःख प्रकट करते हुए, शांति की जोरदार अपील दोहरायी।
पोप ने कहा, “यूक्रेन के खिलाफ युद्ध शुरू हुए अब चार साल हो गए हैं। मेरा दिल आज भी उस खौफनाक स्थिति को देखकर दुःखी है जो सबकी नजरों के सामने है: कितनों की मौत हुई, कितने जीवन और कितने परिवार बिखर गए, कितनी तबाही हुई और बेहिसाब तकलीफें! सचमुच, हर युद्ध पूरे मानव परिवार पर एक घाव है: जो मौत, तबाही और दर्द का एक ऐसा निशान छोड़ जाता है जो पीढ़ियों तक रह जाता है।
पोप ने जोर देकर कहा, “शांति को स्थगित नहीं किया जा सकता: यह एक बड़ी आवश्यकता है, जिसे दिलों में जगह मिलनी चाहिए और जिम्मेदार फैसलों में बदलना चाहिए। इसलिए, उन्होंने कहा, “मैं जोर देकर अपनी अपील दोहराता हूँ: हथियार शांत हो, बमबारी बंद हो, बिना देर युद्धविराम हो, और शांति का रास्ता बनाने के लिए बातचीत को मजबूत किया जाए।”
सभी से यूक्रेन के लोगों के लिए प्रार्थना का आग्रह करते हुए पोप ने कहा, “मैं परेशान यूक्रेनी लोगों और इस युद्ध एवं दुनिया के हर संघर्ष की वजह से परेशान सभी लोगों के लिए प्रार्थना करने का निमंत्रण देता हूँ, ताकि शांति का वह उपहार जिसका हम लंबे समय से प्रतिक्षा कर रहे थे, हमारे दिनों में चमक सके।”
इसके बाद पोप ने रोम, इटली तथा विश्व के विभिन्न देशों से एकत्रित सभी तीर्थयात्रियों का अभिवादन किया।
और अंत में, पोप ने सभी को शुभ रविवार एवं चालीसा काल की यात्रा के लिए मंगलकामनाएँ अर्पित की।