तीर्थयात्रियों का धैर्यपूर्वक स्वागत करने के लिए स्वीस गार्ड को पोप की सराहना

पोप फ्राँसिस ने शनिवार को परमधर्मपीठीय स्वीस गार्ड फाऊंडेशन के सदस्यों से मुलाकात की जो फाऊंडेशन की 25 वर्षीय जयन्ती मना रहे हैं।

वाटिकन के क्लेमेंटीन सभागार में परमधर्मपीठीय स्वीस गार्ड फाऊंडेशन के सदस्यों को सम्बोधित करते हुए पोप ने 25 वर्षों तक वाटिकन में उनकी निष्ठावान सेवा की सराहना की तथा भविष्य में भी उन्हें अपना काम जारी रखने का प्रोत्साहन दिया।

परमधर्मपीठीय स्वीस गार्ड फाऊंडेशन की स्थापना साल 2000 में महान जयन्ती के दौरान हुई थी। फाऊंडेशन के सदस्य अपनी 25वीं वर्षगाँठ पर रोम की तीर्थयात्रा पर हैं जहाँ वे प्रेरितों की कब्रों पर, प्रभु येसु ख्रीस्त में अपने विश्वास को नवीनीकृत करने आये हैं।

पोप ने कहा, “एक और जयंती वर्ष अभी-अभी शुरू हुई है, खुशी की बात है कि आपकी 25वीं वर्षगाँठ भी मनायी जा रही है।”

उन्होंने कहा, “आपकी बहुमूल्य प्रतिबद्धता को सदैव विश्वास और उदारता की भावना से प्रेरित होनी चाहिए, क्योंकि परमधर्मपीठीय स्विस गार्ड को सहयोग देने का अर्थ है सार्वभौमिक कलीसिया के लिए उनकी प्रेरिताई में संत पेत्रुस के उत्तराधिकारी का समर्थन करना।”

पोप ने स्वीस गार्ड की वफादार सेवा के लिए अपना आभार व्यक्त करते हुए याद किया कि समय के साथ स्विस गार्ड का काम काफी बदल गया है, लेकिन इसका उद्देश्य हमेशा पोप की सुरक्षा करना ही रहा है। यह दुनियाभर से आनेवाले उन तीर्थयात्रियों का स्वागत करता है जो पोप से मिलने आते हैं।   

पोप ने फाऊंडेशन के कार्यों पर गौर किया जो विभिन्न तरीकों और क्षेत्रों में गार्डों का समर्थन करता है: “सबसे पहले, यह परिवारों के लिए काम करता है, विशेषकर, उपयुक्त स्कूलों में बच्चों की शिक्षा और प्रशिक्षण के संबंध में।” जो विवाहित गार्डों की संख्या में वृद्धि के साथ अधिक प्रासंगिक हो गया है, क्योंकि परिवारों की भलाई कलीसिया और समाज का मौलिक कर्तव्य है।

फाऊंडेशन, स्वीस गार्ड के काम के तरीके में सुधार, उपकरण और बुनियादी ढांचे में प्रगति के लिए मदद भी देता है और अंततः उन लोगों की भी मदद करता है जो वाटिकन में अपनी सेवा देने के बाद अपने घर लौटते हैं।

पोप ने कहा, “यह सब इसलिए आवश्यक है ताकि गार्ड अपनी बहुमूल्य सेवा सबसे प्रभावी तरीके से और सभी की भलाई के लिए कर सकें।”

उन्होंने फाऊंडेशन एवं स्वीसगार्ड के बीच सहयोगात्मक संबंध की सराहना की, उन्होंने कहा, हम सभी को एक-दूसरे की सहायता और समर्थन की जरूरत है “जो आप पर, निजी समुदायों पर, बल्कि पूरी कलीसिया पर भी लागू होती है।”

अंत में, पोप ने 25 वर्षों तक स्वीसगार्ड की उदार मदद करने के लिए फाऊंडेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि वह अपना कार्य भविष्य में भी जारी रखेगा। उन्होंने उनके लिए प्रार्थना का आश्वासन देते हुए उन्हें अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

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