काथलिक विश्वासी “आशा के समस्वर” बनें, पोप लियो

मैडरिड शहर स्थित बारनाबे सटेडियम में एकत्र लगभग 80.000 श्रद्धालुओं को सोमवार सन्ध्या पोप लियो 14 वें ने बपतिसमा संस्कार, माता कलीसिया से स्थानीय कलीसियाओं की संलग्नता और सुसमाचार प्रचार पर चिन्तन किया।

स्पेन की राजधानी मैडरिड शहर स्थित बारनाबे सटेडियम में एकत्र लगभग 80.000 श्रद्धालुओं को सोमवार सन्ध्या पोप लियो 14 वें ने बपतिसमा संस्कार, माता कलीसिया से स्थानीय कलीसियाओं की संलग्नता और सुसमाचार प्रचार पर चिन्तन किया। उन्होंने काथलिकों से निवेदन किया कि वे तेज़ी से बदलते शहर के दिल से बात करने में सक्षम “आशा के समस्वर” बनें।

साक्ष्य
स्पेन की प्रेरितिक यात्रा के तीसरे दिन के समापन पर पोप ने मैडरिड महाधर्मप्रान्त के विश्वासियों को दर्शन दिये तथा कईओं के साक्ष्य सुनें। सन्त पापा के सम्बोधन से पूर्व महाधर्मप्रान्तीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने मैडरिड में स्थानीय कलीसिया की अलग-अलग वास्तविकताओं को दर्शाते हुए अपनी बात रखीः पल्ली जीवन में सक्रिय एक लोकधर्मी विश्वासी, मैडरिड पल्ली स्मिति के एक सदस्य, एक धर्मप्रान्तीय पुरोहित, एक आप्रवासी परिवार जिसे स्वागत-सत्कार और समर्थन मिला तथा हाल ही में बपतिस्मा संस्कार ग्रहण करनेवाले एक युवा वयस्क ने अपने-अपने साक्ष्य सन्त पापा के समक्ष प्रस्तुत किये। इनके विश्वास, सेवा, समझदारी, स्वागत और मनपरिवर्तन की कहानियों ने आज के शहरी समाज में कलीसिया की सहभागिता, सुसमाचार उदघोषणा और मिशनरी कार्यों को प्रकाशमान किया।

विश्वास गीत
बारनाबे स्टेडियम में एकत्र लगभग 80,000 भक्तों को संबोधित करते हुए, पोप लियो ने इस शाम को “विश्वास का एक महान भजन” निरूपित किया। ख्रीस्तीयों को उन्होंने आमंत्रित किया कि वे दूसरों की सुनें और दूसरों के साथ बातचीत के माध्यम से विविधताओं को एकता में परिणित करें। उन्होंने कहा कि मैडरिड जैसे महानगरों में यह चुनौती खास तौर पर बहुत ज़रूरी है, जहाँ कई संस्कृतियों, परम्पराओं और अनुभवों का मिलन होता तथा सुसमाचार प्रचार के विशेष मौके उत्पन्न करता है। उन्होंने कहा, “शहर के दिल तक पहुंचने के लिए हमें यह जागरूकता बढ़ानी होगी क्योंकि सत्य एक जैसा होता है और हमेशा हमसे आगे निकल जाता है।”

hindi Survey Popup Image