विश्व नेता, नोबेल पुरस्कार विजेता, एआई विशेषज्ञ बोर्गो लौदातो सी में एकत्रित

30 नोबेल पुरस्कार विजेता, 30 देशों के प्रतिनिधि, राज्य और सरकारों के पूर्व प्रमुख, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रमुख 20 विशेषज्ञ, जिनमें ऑपनएआई, गूगल डीपमाइंड, एएआरयू और एंथ्रोपिक शामिल हैं साथ ही दुनिया के 30 प्रमुख विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान संस्थान, इस सप्ताह कास्तेल गंदोल्फो के बोर्गो लौदातो सी में और बाद में कपितोलिन हिल में मिलेंगे, जहाँ उनसे निरस्त्र और निःशस्त्रीकृत शांति के लिए रोम घोषणा को अपनाने की उम्मीद है।

वाटिकन, कास्टेल गंदोल्फो के परमधर्मपीठीय उद्यान, बोर्गो लौदातो सी में, 14 से 16 जुलाई तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता और परमाणु युद्ध पर विश्व नोबेल पुरस्कार सभा की मेजबानी करेगा। इसमें दुनियाभर के 200 से अधिक जाने-माने लोग और शांति एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थानों के प्रतिनिधि एक साथ आएंगे।

पोप लियो 14वें के नए प्रेरितिक विश्व पत्र मनिफिका हूमानितास से प्रेरित होकर, जो कृत्रिम बुद्धिमता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के युग में मानव की सुरक्षा के लिए समर्पित है, यह सभा ऐसे समय में हो रही है जब अंतरराष्ट्रीय झगड़े, बढ़ती अस्थिरता और परमाणु हथियार के माहौल में लगातार मुश्किल होता जा रहा है। यह पोप लियो के “निरस्त्र और निःशस्त्रीकृत शांति” के दृष्टिकोण का हिस्सा है।

सभा का समापन कृत्रिम बुद्धिमत्ता, परमाणु और स्वायत्त हथियार, नये डीजिटल दिशानिर्देश और डिजिटल विकास के उभरते मॉडल के युग में निरस्त्र एवं निःशस्त्रीकृत शांति के लिए रोम घोषणा का मसौदा तैयार करने के साथ होगा।

सभा 16 जुलाई को कपितोलिन हिल पर रोम के सिटी हॉल में एक खास सत्र के साथ समाप्त होगी।

30 नोबेल पुरस्कार विजेता, 30 देशों के प्रतिनिधि, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष और सरकारों, 20 प्रमुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ, जिनमें ऑपनएआई, गूगल डीपमाइंड, एएआरयू और एंथ्रोपिक शामिल हैं साथ ही दुनिया के 30 प्रमुख विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान संस्थान, साथ मिलकर, आज मानव के सामने मौजूद मुख्य चुनौतियों पर “कॉन्क्लेव” की शैली में बातचीत करेंगे।

खासकर, उनसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, नई तकनीकी के प्रबंधन, निरस्त्रीकरण और शांति की ओर उन्मुख अर्थव्यवस्था के विकास पर चर्चा करने की उम्मीद है।

चर्चा के केंद्र में एक नए वैश्विक मॉडल की खोज होगी जो नये परिवर्तन, जिम्मेदारी और नैतिकता को मिला सके।

इस पहल को परमाणु युद्ध निराकरण के लिए नोबेल पुरस्कार सभा, नोबेल महिला पहल, परमाणु युद्ध प्रभाव रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय चिकित्सक (IPPNW), पगवाश कॉन्फ्रेंस ऑन साइंस एंड वर्ल्ड अफेयर्स, यूनुस सेंटर, काथलिक यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका, यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो एग्जिस्टेंशियल रिस्क लेबोरेटरी, हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, ब्रिघम एंड विमेंस हॉस्पिटल, यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम, बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स और सोका गक्काई इंटरनेशनल बढ़ावा दे रहे हैं, और दोमुस कम्युनिस फाउंडेशन महासचिव के रूप में काम कर रहा है।

दुनिया की कुछ जानी-मानी यूनिवर्सिटी और रिसर्च इंस्टीट्यूशन के प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेंगे, जिनमें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, कोलंबिया यूनिवर्सिटी, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ कलिफ़ोर्निया, बर्कले, मोंटेरे में मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफ़ोर्ड, यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर, कॉलेज दी फ़्रांस, यूनिवर्सिटी पेरिस 1 पैंथियन-सोरबोन, सिंघुआ यूनिवर्सिटी, क्वीन्स यूनिवर्सिटी, साइमन फ्रेज़र यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ एंटवर्प, सेंट पैट्रिक पोंटिफ़िकल यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ रोम "तोर वेर्गाता", बाल्सेरो इंस्टीट्यूट, यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफ़ोर्निया, और यूनिवेर्सिता तेलीमातिका इंतरनासियोनाले यूनिनेतूनो शामिल हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, परमाणु और स्वयत्त हथियार, नए डिजिटल नवाचार, एवं डिजिटल विकास के उभरते मॉडल्स के दौर में निरस्त्र और निरस्त्रीकृत शांति के लिए रोम घोषणा को सभा के अंत में पेश किया जाएगा।

इस घोषणा का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गवर्नेंस के लिए सिद्धांत और गाइडलाइन बनाना है, जो सहयोग, मानव सम्मान, पूरे मानव विकास और लोगों के बीच शांति पर आधारित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण को बढ़ावा दे।