युवा और बुजुर्गों के बीच एक नए गठबंधन की आवश्यकता है, पोप फ्राँसिस

पोप फ्राँसिस ने ट्वीटकर युवा और वृद्धों के बीच एक नए गठबंधन की आवश्यकता, बुजुर्गों के लंम्बे जीवन के अनुभव से जीवन की सुंदरता सीखने और भाईचारापूर्ण समाज का निर्माण करने हेतु प्रेरित किया।

काथलिक कलीसिया हर साल जुलाई के चौथे रविवार को दादा-दादी और बुजुर्गों का विश्व दिवस मनाती है। पोप फ्राँसिस ने दादा-दादी और बुजुर्गों का विश्व दिवस से पहले ट्वीटकर युवा और वृद्धों के बीच एक नए गठबंधन की आवश्यकता, बुजुर्गों के लंम्बे जीवन के अनुभव से जीवन की सुंदरता सीखने और भाईचारापूर्ण समाज का निर्माण करने हेतु प्रेरित किया।

पोप फ्राँसिस ने सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हमें युवा और बुजुर्गों के बीच एक नए गठबंधन की आवश्यकता है, ताकि जिनके पास लंबा जीवन अनुभव है उनकी जीवनधारा उन लोगों की आशा की कलियों को पोषित कर सके, जो बड़े हो रहे हैं। इस प्रकार हम जीवन की सुंदरता सीखते हैं और एक भाईचारापूर्ण समाज का निर्माण करते हैं।” # दादा-दादी,बुज़ुर्ग

विदित हो कि काथलिक कलीसिया ने रविवार 25 जुलाई 2021 को पहली बार दादा-दादी और बुजुर्गों का विश्व दिवस मनाया। पोप फ्राँसिस ने 31 जनवरी 2021 को घोषित किया था कि यह दिवस हर साल जुलाई के चौथे रविवार को, येसु के नाना-नानी संत अन्ना और संत जोवाकिम के पर्व के नजदीक मनाया जाएगा।

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