1 अक्टूबर को सैंकड़ों बच्चे शांति के लिए पोप लियो के साथ प्रार्थना करेंगे

रोम के स्कूलों और पल्लियों से करीब 700 से 1000 बच्चे वाटिकन उद्यान में पोप लियो 14वें के साथ प्रार्थना करने आयेंगे, जो एड टू द चर्च इन नीड के तत्वधान में “10 लाख बच्चे रोजरी माला विन्ती करते हुए” पहल की शुरूआत करेंगे।

1 अक्टूबर को, रोम के पल्लियों और स्कूलों के 700 से 1,000 बच्चे वाटिकन वाटिका में पोप लियो 14वें के साथ एकत्रित होंगे, जिसके साथ एड टू द चर्च इन नीड (एसीएन) द्वारा समर्थित “1 मिलियन बच्चे रोजरी विन्ती करते हुए” पहल की शुरुआत होगी।

एड टू द चर्च इन नीड की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उस शाम 5 बजे वाटिकन के लूर्द ग्रोटो में, बच्चे और पोप, दुनियाभर के बच्चों, परिवारों, स्कूलों और ख्रीस्तीय समुदायों के साथ आध्यात्मिक रूप से एकजुट होकर प्रार्थना करेंगे।

दो दशकों से भी अधिक समय से, परमधर्मपीठीय फाउंडेशन एसीएन इस प्रयास को आगे बढ़ा रहा है। हालाँकि, यह पहली बार है, जब “1 मिलियन बच्चे रोजरी विन्ती करते हुए” पहल 1-7 अक्टूबर तक चलेगी, जिससे समुदायों, परिवारों और स्कूलों को अपनी पसंद का दिन चुनने का मौका मिलेगा। इस दौरान, हर समुदाय शांति और एकता के लिए अपनी प्रार्थनाओं में एक साथ आयेंगे।

7 अक्टूबर, रोजरी की माता मरियम का पर्व दिवस इस सप्ताह की चरम बिन्दु होगा।  

स्थानीय पहल भी प्रार्थना में जुड़ेंगे
सिर्फ वाटिकन ही ऐसी जगह नहीं है जहाँ यह अभियान चलाया जाएगा। बल्कि पूरी दुनिया में—बोलिवियन अमेजन के आदिवासी समुदायों से लेकर सूडान, जिम्बाब्वे, मोजाम्बिक, सिएरा लियोन और युद्ध, गरीबी या अस्थिरता से प्रभावित कई दूसरी जगहों की कलीसियाएँ—प्रार्थना अभियान में शामिल होंगी।

सूडान में कई पल्ली और स्कूल इस पहल में हिस्सा लेंगे। अटलांटिक महासागर के पार, बोलिवियन अमेजन में त्सिमाने समुदाय के बच्चों ने पहले ही त्सिमाने और स्पेनिश में रोजरी की प्रार्थना शुरू कर दी है।

जिम्बाब्वे के बुलावायो महाधर्मप्रांत में, संत क्रिस्टोफर पल्ली 4 अक्टूबर को बच्चों को शांति के लिए प्रार्थना में शामिल होने के लिए इकट्ठा करेगी। दक्षिण अमेरिका में, पैराग्वे में रेडियो पाई पुकू सन यूजेनियो दी माजेनोड पल्ली में बच्चों को रोजरी प्रार्थना करते हुए सीधा प्रसारित करेगा।

घायल दुनिया के लिए प्रार्थना
इस साल की यह पहल पुर्तगाल के फातिमा में तीन बच्चों को माता मरियम के दिव्यदर्शन के दौरान मिले संदेश से प्रेरित है: “अंत में, मेरा बेदाग दिल ही जीतेगा।”

भाग लेनेवालों को दिए गए एक निमंत्रण में, एसीएन इंटरनेशनल के अध्यक्ष और ख्रीस्तीय एकात को बढ़ावा देने वाले विभाग के प्रीफेक्ट कार्डिनल कूर्ट कोच ने बताया कि कैसे मरियम का निष्कलंक हृदय पवित्र आत्मा के लिए पूरी तरह से खुले जीवन को दिखाता है और उन्होंने मरियम को विश्वास, प्रार्थना और प्यार का एक उदाहरण बताया।

खासकर, आज की दुनिया में जब हिंसा, जुल्म, गरीबी और अस्थिरता है, यह पहल जरूरी है। अलग-अलग देशों के, अलग-अलग भाषाओं में प्रार्थना करते और अलग-अलग संस्कृति में रहनेवाले बच्चों की तस्वीर भरोसे और आशा का एक सरल लेकिन विश्वव्यापी प्रतीक है।

एक देश से पूरा विश्व
“1 लाख बच्चे रोजरी माला विन्ती करते हुए” पहल 2005 में वेनेजुएला में शुरू हुई थी और यह हर महाद्वीप पर बच्चों, परिवारों, पल्लियों, स्कूलों एवं कलीसियाई दलों के साथ एक विश्वव्यापी प्रार्थना नेटवर्क बन गया है।

इटली के संत पाद्रे पियो के एक कथन ने इस पहल को प्रेरित किया है: “जब एक मिलियन बच्चे रोजरी की प्रार्थना करेंगे, तो दुनिया बदल जाएगी।”

हालांकि, प्रार्थना का आह्वान सिर्फ बच्चों तक ही सीमित नहीं है। एड टू द चर्च इन नीड ने सभी माता-पिता, शिक्षकों, पुरोहितों, धर्मसंघियों, प्रचारकों और परिवारों से इस अभियान में शामिल होने का आग्रह किया है।

एड टू द चर्च इन नीड जोर देता है कि अगर पूरी रोजरी विन्ती करना संभव नहीं है तो कम से कम एक भेद ईमानदारी पूर्वक करने से भी इस वैश्विक प्रार्थना श्रृंखला में शामिल हो सकते हैं।

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