पोप : आइए हम अपनी और अपने प्रियजनों की बीमारियों को येसु के सामने लाएँ

पोप लियो 14वें ने विश्वासियों को आमंत्रित किया कि वे येसु के सामने अपनी कमज़ोरियों, अपने प्रियजनों की कमज़ोरियों और उन लोगों के दर्द को पूरे आत्मविश्वास के साथ रखें जो खुद को खोया हुआ महसूस करते हैं और जिनके पास कोई रास्ता नहीं है।

पोप ने अपने आम दर्शन समारोह के दौरान धर्मशिक्षा माला हेतु संत मारकुस के सुसमाचार से अंधे बर्तिमेयुस की चंगाई वृत्तांत पर विचार किया, जिसने येसु को पुकारा और जब उसकी दृष्टि वापस आ गई और वह येसु का अनुसरण करने लगा। संत पापा लियो14वें हमें याद दिलाते हैं कि "हमें कभी भी आशा नहीं छोड़नी चाहिए, भले ही हम खोए हुए महसूस करें, येसु को संबोधित पुकार कभी अनसुनी नहीं होगी।"

इसी के मद्देनजर पोप ने सोशल मीडिया के एक्स पर लिखा : “आइए हम अपनी और अपने प्रियजनों की बीमारियों को भरोसे के साथ येसु के सामने लाएँ। हम उन लोगों के दर्द को प्रभु के सामने लाएँ जो खुद को खोया हुआ महसूस करते हैं और जिनके पास कोई रास्ता नहीं है। आइए, हम उनके लिए मन्नतें करें और हम निश्चिंत हो सकते हैं कि प्रभु हमारे लिए रुकेंगे और हमारी सुनेंगे।”

बुधवारीय आम दर्शन के दौरान पोप लियो 14वें ने ऑस्ट्रिया के ग्राज़ स्कूल में गोलीबारी में अपनी जान गंवाने वाले ग्यारह लोगों को याद किया और उनके लिए प्रार्थना की।

अपने सोशल मीडिया के एक्स पर पोप ने लिखा : “मैं ग्राज़ के स्कूल में हुई त्रासदी के पीड़ितों के लिए अपनी प्रार्थनाएँ व्यक्त करता हूँ। मैं परिवारों, शिक्षकों और छात्रों के प्रति अपनी निकटता व्यक्त करता हूँ। प्रभु इन बच्चों को अपनी शांति में स्वागत करें।” #एक साथ प्रार्थना करें

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