युद्ध प्रभावित लोगों की मदद हेतु पोप के दानदाता यूक्रेन में
वाटिकन के परोपकार विभाग के प्रीफेक्ट, महाधर्माध्यक्ष लुइस मारिन दी सन मार्टिन, पोप लियो की ओर से यूक्रेन के दौरे पर है। इस दौरे में युद्ध से प्रभावित लोगों को मदद देना और परिवारों, बच्चों, बुज़ुर्गों और सैनिकों की मदद करने के लिए समर्पित कलीसियाई एवं उदार संगठनों से मिलना भी शामिल है।
महाधर्माध्यक्ष लुइस मारिन दी सन मार्टिन, जो वाटिकन के परोपकारी सेवा विभाग के अध्यक्ष हैं, 28 अक्टूबर को यूक्रेन में युद्ध से प्रभावित लोगों तक पोप लियो 14वें की ओर से मदद पहुंचाने के मिशन के तहत कीव पहुँचे।
विभाग के उपसचिव, डॉ. मास्सिमो रैली के साथ, महाधर्माध्यक्ष ने जरूरतमंद लोगों को खाना, रहने की जगह और मनोवैज्ञानिक समर्थन देनेवाले उदार केंद्रों, शेल्टर और कलीसियाई समुदाय का दौरा किया।
यह दौरा मंगलवार, 27 अक्टूबर को वारसॉ से 12 घंटे की यात्रा के बाद शुरू हुआ। कीव इस मिशन का पहला पड़ाव था, जो शुक्रवार, 30 अक्टूबर को ज़ापोरिज्जिया, नीप्रो और फास्टिव सहित कई शहरों के दौरे के साथ समाप्त होनेवाला है।
बच्चों और परिवारों की मदद करना
प्रेरितिक राजदूतावास में पवित्र मिस्सा अर्पित करने के बाद, महाधर्माध्यक्ष मारिन ने कीव में एक कारितास स्पेस केंद्र का दौरा किया। उनके साथ प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष विस्वाल्दास कुलबोकास; कीव-ज़ाइतोमर के सहायक धर्माध्यक्ष और कारितास-स्पेस के अध्यक्ष बिशप ओलेक्सांद्र याज़लोवेत्स्की; और उनके कार्यकारी निदेशक फादर व्याचेस्लाव ग्रिनेविच थे।
यह केंद्र खाना बांटता है, हमलों के दौरान उन लोगों को रहने की जगह देता है जिनके पास जाने के लिए सुरक्षित जगह नहीं होती, और बुज़ुर्गों एवं उन महिलाओं को सामान और मनोवैज्ञानिक मदद देता है जिनके पति मोर्चे हैं और वे बच्चों की परवरिश कर रही हैं।
बच्चों पर खास ध्यान दिया जाता है, जिनमें से कई स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, पहले कोविड-19 महामारी की वजह से और बाद में युद्ध के कारण। कई अपने दोस्तों से भी अलग हो गए हैं और अकेलेपन का सामना कर रहे हैं।
यह संगठन बच्चों को मिलने और साथ में समय बिताने के मौके देता है, जिससे उन्हें लड़ाई के मनोवैज्ञानिक असर से निपटने में मदद मिलती है।
हमलों के दौरान सहायता
महाधर्माध्यक्ष मारिन ने स्वयंसेवकों से मुलाकात की और उन क्षेत्रों का दौरा किया जहां लोग बमबारी के दौरान शरण लेते हैं। जो लोग केंद्र में आते हैं उन्हें गर्मी, गर्म भोजन और अपने मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए जगह मिलती है।
प्रतिनिधिमंडल ने शिविर बिस्तरों से सुसज्जित एक भूमिगत आश्रय स्थल का भी दौरा किया। आर्चबिशप मारिन ने आश्रय स्थल और वहां एकत्रित लोगों को आशीर्वाद दिया और प्रभु की सुरक्षा की कामना की।
सैकड़ों लोगों की सेवा करनेवाली एक पल्ली
कीव में, प्रतिनिधिमंडल ने एक काथलिक चर्च का भी दौरा किया जो अभी भी निर्माणाधीन है लेकिन पहले से ही एक पल्ली और मानवतावादी केंद्र के रूप में सक्रिय है।
स्वयंसेवक वहां हर दिन सैकड़ों लोगों के लिए गर्म भोजन तैयार करते हैं, चाहे उनकी धार्मिक संबद्धता कुछ भी हो। जनरेटर से बिजली और हीटिंग प्रदान की जाती हैं, जिससे पल्ली एक ऐसा स्थान बन गया है जहां लोग सहायता और आश्रय पा सकते हैं।
गिरजाघर में रात के समय बमबारी के दौरान सुरक्षा चाहने वाले लोगों के लिए बिस्तरों के साथ एक आश्रय स्थल भी है।
ग्रीक काथलिक कलीसिया से मदद
कीव में यूक्रेनी ग्रीक काथलिक कलीसिया के कूरिया में, महाधर्माध्यक्ष मारिन का स्वागत उसके जनरल बर्सर, लिउबोमिर यावोरिव ने, साथ काम करनेवालों और स्वयंसेवकों के साथ किया।
ख्रीस्त के पुनरुत्थान के प्राधिधर्माध्यक्षीय महागिरजाघर का दौरा कर, प्रतिनिधि ने कलीसिया द्वारा दी जानेवाली सेवाओं के बारे में जाना, जिसमें रोज सैकड़ों लोगों के लिए गर्म खाना और सामान तैयार करना, सेनाओं की प्रेरितिक देखभाल के लिए नियक्त पुरोहित द्वारा सैनिकों की आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक मदद करना शामिल है।
कलीसिया एक रेडियो स्टेशन भी चलाती है जो पोप के शब्दों और उपदेशों को प्रसारित करता है, जिससे उन लोगों के बीच कलीसिया के साथ रिश्ते बनाए रखने में मदद मिलती है जो एक साथ नहीं आ सकते।
सभा में सबसे जरूरी आवश्यकताओं पर चर्चा और उपहारों का लेन-देन शामिल था।
बमबारी वाली बिल्डिंग के पास बढ़ रहा एक समुदाय
कीव में अंतिम पड़ाव उस बिल्डिंग के पास बना एक छोटा केंद्र था जो बमबारी से क्षतिग्रस्त हो गया है।
एक मिलिट्री की प्रेरितिक देखभाल में नियुक्त पुरोहित ने पुरानी बिल्डिंग में समुदाय शुरू की, जहाँ ख्रीस्तयाग अर्पित की जाती है और बच्चों एवं परिवारों को सामान और मनोवैज्ञानिक मदद मिलती है। समुदाय बच्चों के लिए प्रेरितिक देखभाल भी करता है और कार्यक्रम आयोजित करती है।
यह केंद्र कुछ लोगों के एक छोटे दल के साथ शुरू हुआ था और तब से यह एक बड़ा समुदाय बन गया है, जो युद्ध से प्रभावित परिवारों को मदद देता है।
