ग्रीस में आग से पीड़ित लोगों के लिए पोप की प्रार्थना

पोप फ्राँसिस ने गुरुवार को देवदूत प्रार्थना के दौरान, ग्रीस के जंगलों में लगी भीषण आग से प्रभावित हजारों लोगों का स्मरण किया तथा उन्हें अपने सामीप्य एवं प्रार्थनाओं का आश्वासन प्रदान किया।

संवेदना
इस बात की ओर पोप ने ध्यान आकर्षित कराया कि "हजारों लोगों को उनके घरों से दूर हटाया जा चुका है, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं, हजारों लोग भयंकर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और भारी भौतिक क्षति के अलावा, एक पर्यावरणीय आपदा भी पैदा हो रही है।"

आगजनी से प्रभावित सभी लोगों को अपनी प्रार्थनाओं का आश्वासन देते हुए उन्होंने “इस गंभीर स्थिति से पीड़ित सभी लोगों के प्रति अपनी निकटता व्यक्त कर यह विश्वास व्यक्त किया कि आम एकजुटता और एकातमता की भावना में पीड़ितों को आवश्यक सहायता प्रदान की जा सकेगी।”

आग के विरुद्ध संघर्ष
ग्रीस के जंगलों में लगी आग पर काबू पाने में अग्निशमन कर्मी लगभग सफल हो गये हैं किन्तु अभी भी इस कार्य को अन्जाम देने के लिये लगभग 700 अग्निशमन कर्मियों, 29 अग्निशमन विमानों और हेलीकॉप्टरों, 190 दमकल गाड़ियों,  सशस्त्र बलों और स्वयंसेवकों की सहायता से आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है।

इससे पहले ग्रीस ने यूरोपीय संघ के नागरिक सुरक्षा तंत्र को सक्रिय किया था, जिसके तुरन्त बाद इटली, फ्रांस, चेक गणराज्य और रोमानिया से अतिरिक्त सहायता मिली।

इस सप्ताह की शुरुआत में, यूरोपीय संघ ने अग्निशमन क्षमताओं को बढ़ाते हुए भड़कती आग से निपटने के लिए 12 विमानों का उत्पादन शुरू किया था। स्मरण रहे कि दक्षिणी यूरोप में भीषण गर्मी के मौसम में जंगली आग से बार-बार तबाही मचती है और जलवायु परिवर्तन से यह जोखिम और भी बदतर होने की आशंका है।

संकट प्रबंधन सम्बन्धी यूरोपीय आयुक्त ने कहा कि जंगल की आग का मौसम लंबा, अधिक घातक और अप्रत्याशित होता जा रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप यूरोपीय संघ अपनी अग्निशमन प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है। विमान क्रोएशिया, फ्रांस, ग्रीस, इटली, पुर्तगाल और स्पेन में तैनात होंगे।

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