21 जुलाई को जकार्ता के होटल मुलिया में 'फेडरेशन ऑफ़ एशियन बिशप्स कॉन्फ़्रेंस' (FABC) की 12वीं पूर्ण सभा (Plenary Assembly) की शुरुआत हुई। इस मौके पर इंडोनेशिया ने पारंपरिक संगीत, नृत्य और स्थानीय कलाओं के ज़रिए अपनी सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन करते हुए पूरे एशिया से आए बिशप और कलीसिया के नेताओं का स्वागत किया। इन कार्यक्रमों का मकसद 'सिनोडल कलीसिया' के तौर पर साथ मिलकर चलने के संदेश को दिखाना था।