पोप ने मध्यपूर्व में युद्धविराम और बातचीत की अपील की
पोप लियो 14वें ने मध्यपूर्व में चल रहे संघर्ष के लिए जिम्मेदार सभी लोगों से युद्धविराम के लिए राजी होने और बातचीत के रास्ते फिर से खोलने की अपील की है।
देवदूत प्रार्थना के उपरांत पोप ने मध्यपूर्व के युद्ध पीड़ितों की याद करते हुए कहा, “पिछले दो सप्ताह से मध्यपूर्व के लोग युद्ध की भयानक हिंसा झेल रहे हैं। हजारों बेगुनाह लोग मारे गए हैं और अनगिनत लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। मैं उन सभी लोगों के साथ अपना प्रार्थनामय सामीप्य फिर से दोहराता हूँ जिन्होंने स्कूलों, अस्पतालों और रिहायशी इलाकों में हुए हमलों में अपने प्रियजनों को खो दिया है।”
फिर लेबनान की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “लेबनान की हालात बहुत चिंताजनक है। मुझे उम्मीद है कि बातचीत के ऐसे रास्ते बनेंगे जो देश के अधिकारियों को इस गंभीर संकट का पक्का हल निकालने में मदद कर सकें, ताकि सभी लेबनानी लोगों की भलाई हो।”
अमेरिका, इस्राएल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के लिए जिम्मेदार लोगों को जोर देकर पोप ने कहा, “मध्यपूर्व के ख्रीस्तीयों और सभी अच्छे इरादों वाले पुरुषों और महिलाओं की तरफ से, मैं इस लड़ाई के लिए जिम्मेदार लोगों से कहता हूँ: युद्ध विराम हो! बातचीत के रास्ते को फिर से खुलने दें! हिंसा कभी भी उस इंसाफ, स्थिरता और शांति की ओर नहीं ले जा सकती जिसका लोग इंतजार कर रहे हैं।”
इस बीच ईरान से जुड़ी लड़ाई का असर पूरे मध्यपूर्व में तेज हो गया है, जिसमें ईरान और लेबनान के आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान के एक स्वास्थ्य केंद्र पर इस्राएली हमले में 12 मेडिकल कर्मचारी मारे गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने हमले की कड़ी निंदा की और मौतों को “अस्वीकारीय” बताया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि लड़ाई बढ़ने के बाद से इस्राएली हवाई हमले में 800 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, और 800,000 से ज्यादा लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं।
इस्राएल का कहना है कि वह उन इलाकों को निशाना बना रहा है जहाँ उसका आरोप है कि हिज़्बुल्लाह हथियार जमा कर रहा है और हमलों को समन्वित कर रहा है। लड़ाई शुरू होने के तुरंत बाद हिज़्बुल्लाह ने ईरान के समर्थन में उत्तरी इस्राएल की ओर रॉकेट दागना शुरू कर दिया।
सबसे खतरनाक घटनाओं में से एक 28 फरवरी को हुई, जो लड़ाई का पहला दिन था, जब एक मिसाइल ने मिनाब में लड़कियों के एक स्कूल को तबाह कर दिया। ईरानी मीडिया का कहना है कि 168 से 180 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे।
इस बीच, इलाके में तनाव बढ़ता जा रहा है। सऊदी अरब की डिफेंस मिनिस्ट्री का कहना है कि उसने रियाद और पूर्वी इलाके के ऊपर सात ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया है। दुबई और कतर के अधिकारियों ने भी रविवार को एयर-डिफेंस इंटरसेप्शन की खबर दी, जबकि कुवैत ने कहा कि ड्रोन हमले से उसके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचा है। इस्राएल की मिलिट्री का कहना है कि उसने रविवार सुबह ईरान से लॉन्च की गई मिसाइलों को रोक लिया है। आपातकालीन सेवा ने बताया कि यह हमला मध्य इस्राएल को निशाना बना के किया गया था।
इन सबके बीच, बगदाद में अमरीकी राजदूतावास ने शनिवार को राजदूतावास परिसर पर मिसाइल हमले के बाद अमेरिकी नागरिकों को इराक छोड़ने की नई चेतावनी जारी की है। अपने बयान में, राजदूतावास ने कहा कि अमरीकी नागरिकों को “अब इराक छोड़ देना चाहिए”।
देवदूत प्रार्थना के अंत में संत पापा ने रोम तथा विश्व के विभिन्न हिस्सों से आये वाटिकन आये सभी तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों का स्वागत किया, “मैं आज संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में उपस्थित आप सभी का स्वागत करता हूँ!”
उन्होंने स्पेन के वालेंसिया और बार्सिलोना के साथ-साथ पालेर्मो के विश्वासियों का भी अभिवादन किया, दृढ़ीकरण संस्कार लेने की तैयारी कर रहे युवाओं की याद की। संत पापा ने रोम स्थित संत ग्रेगोरियो मैन्यो पल्ली के युवाओं और ब्रेशिया धर्मप्रांत के कैप्रियानो देल कोले और अजानो मेला के युवाओं का भी अभिवादन किया।
और अंत में, उन्होंने सभी को शुभ रविवार की मंगलकामनाएँ अर्पित कीं।