चालीसा काल में क्या करें?

पोप फ्राँसिस ने चालीसा काल में अपने टूटे हृदय और बिखरे जीवन को फिर से जोड़ने हेतु अपने अंदर झांकने का प्रोत्साहन दिया है।

पोप फ्राँसिस ने चालीसा काल को अपने अवगुणों रूपी देवमूर्तियों को बाहर निकालने एवं अपनी आसक्तियों के कैद से बाहर निकलने का अवसर कहा।

उन्होंने बृहस्पतिवार को एक्स पर संदेश पोस्ट करते हुए लिखा, “प्रार्थना, दान और उपवास तीन असंबद्ध अभ्यास नहीं हैं बल्कि खुलेपन एवं अपने आपको खाली करने का एक एकल प्रवृति है। हम उन मूर्तियों को बाहर निकालें जो हम पर बोझ हैं और उन आसक्तियों को दूर करें जो हमें कैद करती हैं। तब हमारा क्षत-विक्षत और अलग-थलग हृदय पुनर्जीवित हो जाएगा।” #Lent

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