मेजोगोरे पल्ली ने तोड़-फोड़ की निंदा की, प्रार्थना व प्रायश्चित का आह्वान किया

माता मरियम की प्रतिमा को विरूपित किए जाने और संत जेम्स पल्ली के बाहर की वेदी को आग लगाए जाने के बाद, बोस्निया और हर्जेगोविना में मेजोगोरे पल्ली ने विश्वासियों से बुराई का बदला बुराई से न देने का आग्रह किया।

मेजोगोरे पल्ली ने पिछली रात हुई तोड़-फोड़ की निंदा की है, जिससे प्रार्थना के कई जगहों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही, लोगों से "प्रार्थना, उपवास और प्रायश्चित" करने के लिए आमंत्रित किया है।

मेजोगोरे पल्ली कार्यालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, "हमें तोड़-फोड़ की खबर सुनकर बहुत दुःख हुआ।"

इसमें यह भी बतलाया गया है कि सफाई और मरम्मत तुरंत शुरू कर दी गई ताकि प्रभावित स्थलों प्रार्थना के लिए पुनः अच्छी तरह तैयार किया जा सके।

पल्ली ने काम में मदद करनेवाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया है और कहा है कि उनकी कोशिशों से तीर्थस्थल को "ईश्वर से मिलने की जगह, शांति की जगह" बनाये रखने में मदद मिल रही है।

मेजोगोरे तीर्थस्थल में धन्य कुँवारी मरियम को शांति की रानी के रूप में सम्मानित किया जाता है।

गुस्से से जवाब देने के बजाय, पल्ली ने काथलिकों से जिम्मेदार लोगों के लिए प्रार्थना करने को कहा।

बयान में कहा गया, “हम उन लोगों के हृदय परिवर्तन के लिए प्रार्थना करते हैं जिन्होंने यह काम किया है,” और प्रार्थना की कि प्रभु उन्हें अपनी कृपा से स्पर्श करें एवं अच्छाई के रास्ते पर ले जाएं।

पल्ली ने हरेक इंसान के दिल में शांति की भी अपील की है। ​विश्वासियों को हिम्मत दी है कि “बुराई का बदला बुराई से न लें,” बल्कि अपने जीवन से प्यार, माफी और उम्मीद की गवाही दें।

तोड़-फोड़ और आग
बोस्निया और हर्जेगोविना में पुलिस को पहली रिपोर्ट सुबह करीब 4:30 बजे मिली, जब अपारिशन हिल, या दिव्यदर्शन की पहाड़ी पर माता मरियम की प्रतिमा का चेहरा, हाथ और पाँव काले पेंट से विरूपित किये हुए पाये गए और पास में आपत्तिजनक संदेश भी मिले।

करीब आधे घंटे बाद, अधिकारियों को संत जेम्स गिरजाघर के बाहरी वेदी में आग लगने की सूचना मिली।

निगरानी फुटेज में कथित तौर पर एक आदमी वेदी पर लिक्विड डालते हुए दिखा, जिसे पेट्रोल माना जा रहा है, और फिर उसे आग लगा दी। आग को जल्दी बुझा दिया गया।

पोलिश में एक बैनर में 1981 में पहली बार रिपोर्ट किए गए कथित दिव्य दर्शन से जुड़े छह लोगों के नाम भी थे और उन पर धोखा देने का आरोप लगाया गया था।

बाद में पुलिस ने इन घटनाओं में शामिल होने के शक में लजुबुस्की इलाके से एक आदमी को गिरफ्तार किया। उसकी पहचान, राष्ट्रीयता और दूसरी व्यक्तिगत जानकारी जारी नहीं की गई है।

जाँच करनेवाले मकसद का पता लगाने और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या संदिग्ध का मेजोगोरे में दर्ज कामों से कोई संबंध था।

तीर्थस्थल खुला रहेगा
बयान में, पल्ली ने जोर देकर कहा कि तीर्थस्थल सभी तीर्थयात्रियों के लिए खुला रहेगा और इसका दैनिक प्रार्थना कार्यक्रम जारी रहेगा। प्रभावित इलाकों को जल्द से जल्द साफ और ठीक किया जा रहा है।

सितंबर 2024 में, पोप फ्रांसिस की मंजूरी से, विश्वास के सिद्धांत के लिए गठित विभाग ने मेजोगोरे से जुड़े आध्यात्मिक अनुभव के बारे में एक कोई आपत्ति नहीं (नो ऑबजेक्शन) जारी किया।

इस फैसले ने तीर्थस्थल से जुड़े अच्छे आध्यात्मिक नतीजों को मान्यता दी और बताए गए दिव्य दर्शनों के अलौकिक होने के बारे में कोई घोषणा किए बिना, सार्वजनिक प्रार्थना की इजाजत दी।

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