पोप लियो : कलीसिया टूटे परिवारों की मदद करे

लैटिन अमेरिका के लिए परमधर्मपीठीय आयोग के साथ एक मुलाकात में, पोप लियो 14वें ने लैटिन अमेरिका में कलीसिया को उन परिवारों का साथ देने के लिए बढ़ावा दिया जो नशे की लत, हिंसा या गरीबी के दर्द से गुजर रहे हैं।

पोप लियो 14वें ने गुरुवार को लैटिन अमेरिका के लिए पोंटिफिकल कमीशन (सीईएलएएम) के तत्वधान में आयोजित एक मीटिंग में हिस्सा लेनेवाले प्रतिभागियों से मुलाकात की, जिसकी विषयवस्तु “लैटिन अमेरिका में नशा” थी।

अपने भाषण में, पोप ने इस सभा का आयोजन करने और इस क्षेत्र में मिलकर की गई कोशिशों के लिए अमेरिकी राज्यों के संगठन के साथ कमीशन के काम की सराहना की।

उन्होंने उन लोगों का भी स्वागत किया जो ड्रग्स से परेशान युवाओं का साथ देने, उन्हें नशा उन्मूलन, चंगाई और उनके एकीकरण के लिए काम करते हैं।

नशीली दवाओं के गलत इस्तेमाल के असर पर बात करते हुए, उन्होंने कहा कि “दुःख और उम्मीद की कोई सीमा नहीं होती।” सभा में एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका से आए लोग भी शामिल थे।

पोप लियो ने सभा में मिले चार “सेतुओं” की ओर इशारा किया, जो सहयोग के चार रास्ते दिखाते हैं।

सबसे पहले, उन्होंने कहा, कलीसिया ड्रग्स के गलत इस्तेमाल से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठन के साथ मिलकर काम करती है।

उन्होंने अमरीकी राज्यों के संगठन और लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियाई धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के साथ सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि वे लोगों को विश्वास पर आधारित समुदाय संगठन तैयार करने में मदद करते हैं।

दूसरा, पोप ने कहा कि विज्ञान और विश्वास एक और सेतु बनाते हैं, क्योंकि कलीसिया न्यूरोसाइंस, साइकेट्री या पब्लिक हेल्थ के साथ मुकाबला नहीं करना चाहती।

उन्होंने कहा, “बल्कि, वह इंसान की पूरी समझ के जरिए उस पर सुसमाचार की रोशनी डालना चाहती है।”

तीसरा, कलीसिया सभी महादेशों के बीच एक सेतु का काम करती है, क्योंकि एक जैसे लक्ष्य वाले लोग “अपनी तकलीफें, उम्मीदें और प्रेरितिक उत्साह साक्षा करने” के लिए एक साथ आते हैं।

चौथा, कलीसिया और दूसरे कलीसियाई समुदाय विश्वास को एक आम भाषा की तरह इस्तेमाल करते हैं जिससे नशे की लत से परेशान लोगों के लिए स्नेह प्रकट किया जा सके।

पोप लियो ने परिवार की अहमियत पर जोर दिया, इसे “घरेलू कलीसिया” कहा जो नशे की लत से लड़ने की कोशिशों के हर पहलू में शामिल है।

उन्होंने कहा, परिवार “वह जगह है जहाँ जीवन का पालन-पोषण होता है, उसकी देखभाल की जाती है और उसे दिशा दी जाती है। नशीली पदार्थों के खिलाफ एक अच्छे परिवार से बेहतर कोई बचाव नहीं है।”

जैसा कि पोप फ्रांसिस ने कहा है, कलीसिया “मानव के दुःख को छूना चाहती है, दूसरों के दुखते शरीर का स्पर्श करना चाहती है।”

पोप लियो ने दुःख जताते हुए कहा, “आज हम कई टूटे हुए परिवारों की तकलीफ देख रहे हैं, चाहे वह नशीली पदार्थों के सेवन, हिंसा, किसी बच्चे के अपराध के लिए कारण जेल, गरीबी, या अवसर की कमी के कारण हो, लोगों को हाशिये पर धकेल देती है।”

अंत में, पोप लियो 14वें ने लैटिन अमेरिका के लिए परमधर्मपीठीय आयोग और नशे की लत के क्षेत्र में काम करनेवाले सभी लोगों के काम को बढ़ावा दिया।

उन्होंने कहा, “कलीसिया उन सभी लोगों का परिवार बने जो सड़क किनारे रह गए हैं।” “आइए हम एक ऐसी कलीसिया बनाएं जो रुके, पास आए, दया से भर जाए, जख्मों पर मरहम लगाए, भोजन दे, और एक घर बन जाए।”

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