पोप फ्राँसिस ने आगमन के पहले रविवार याने 1 दिसंबर को शोसल मीडिया के प्लेटफॉर्म एक्स पर युद्ध से पीड़ित देशों के लिए युद्धविराम एवं शांति हेतु प्रार्थना करने की अपनी अपील को नवीवीकृत किया।
पोप फ्राँसिस ने निकारागुआ के उन विश्वासियों को एक प्रेरितिक पत्र लिखा है जो निष्कलंक गर्भागमन की नोवेना कर रहे हैं, जिसमें उन्हें चुनौतियों का सामना करने के बावजूद ईश्वर पर अपने भरोसे में दृढ़ रहने के लिए प्रोत्साहित किया है।
आगमन काल के पहले रविवार को पोप फ्राँसिस ने विश्वासियों को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी नजर स्वर्ग की ओर उठायें और अपना हृदय प्रभु के लिए खोलें जो हमारा बोझ उठाते और हमें यात्रा में मदद करते हैं।
2 और 3 दिसंबर को पोप फ्राँसिस की मौजूदगी में कासा सांता मार्था में आयोजित कार्डिनलों की परिषद (सी9) के दिसंबर सत्र में कलीसिया और दुनिया से जुड़े कई मौजूदा मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में कार्डिनलों द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले विभिन्न देशों की स्थिति पर विचार करने, "संघर्ष और संकट की चल रही वास्तविकता के बारे में चिंताओं और आशाओं को साझा" किया गया।
संत पेत्रुस महागिरजाघऱ के प्रधानयाजक कार्डिनल मौरो गाम्बेत्ती ने पवित्र द्वार की अखंडता को सत्यापित करने के लिए "मान्यता" समारोह का नेतृत्व किया, जिसे 2016 में दया की असाधारण जयंती के अंत में सील कर दिया गया था।
आगमन काल का धर्मोंपदेश, तीन शुक्रवारों : 6, 13, 20 दिसम्बर को, वाटिकन के पॉल षष्ठम सभागार में दिया जाएगा। क्रिसमस के पूर्व के इन उपदेशों को पोप के उपदेशक कपुचिन फादर रोबेरतो पसोलिनी प्रदान करेंगे।
वाटिकन के समग्र मानव विकास को बढ़ावा देने के लिए गठित विभाग की सचिव, सिस्टर एलेसांद्रा स्मेरिली ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि काथलिक कलीसिया को सिनॉडालिटी को जीवन के एक तरीके के रूप में अपनाना चाहिए।
मध्य अमेरिका के धर्माध्यक्ष निकारागुआ में कलीसिया की पुकार के साथ "भाईचारे से जुड़ने" के लिए प्रार्थना के दिन का आह्वान करते हैं, "जो सम्मानपूर्वक उत्तर पाने की उम्मीद करता है।"