सुरक्षा और बचाव चाहनेवालों से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता, पोप लियो

देवदूत प्रार्थना के उपरांत पोप ने विश्व शरणार्थी दिवस की याद की और विश्वासियों का अभिवादन किया।

आज विश्वभर में शरणार्थी का मुद्दा एक गंभीर विषय। 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस मनाया जाता है। पोप ने रविवार को देवदूत प्रार्थना के उपरांत विश्व शरणार्थी दिवस की याद कर कहा, “कल, विश्व शरणार्थी दिवस मनाया गया, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने बढ़ावा दिया है।” इस दिवस को शरणार्थियों की स्थिति से जुड़े सम्मेलन की 75वीं सालगिरह पर मनाया जा रहा है, जिसे उन लोगों की रक्षा के लिए स्थापित गया था जिन्हें प्रताड़ित किया और अपना देश, घर और परिवार छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता था।

पोप ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि जिस भावना ने इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपकरण को बनाने की प्रेरणा दी, वह आज भी देश के नेताओं की अंतरात्मा को रोशन करती रहेगी।”

उन्होंने शरणार्थियों की मदद की अपील करते हुए कहा, “जो लोग सुरक्षा और बचाव चाहते हैं, उनसे कोई मुंह नहीं मोड़ सकता। मैं सभी से यह भी गुज़ारिश करता हूँ कि जो लोग जुल्म के शिकार हैं, उनका स्वागत किया जाए, ताकि वे शांति और सम्मान के साथ रह सकें और भविष्य की ओर उम्मीद से देख सकें।”

उसके बाद काथलिक पेंटेकोस्टल इंटरनैशनल डायलॉग के सदस्यों का अभिवादन करते हुए कहा, “मैं काथलिक पेंटेकोस्टल इंटरनैशनल डायलॉग के सदस्यों का अभिवादन  करना चाहता हूँ। “कलीसिया प्रार्थना करते हुए विश्वास करती है”, और “प्रार्थना के नियम, विश्वास के नियम” के सिद्धांत पर एक साथ चिंतन करना आजकल खास रूप से जरूरी है।

तत्पश्चात् पोप ने रोम तथा विश्व के विभिन्न हिस्सों से आये सभी तीर्थयात्रियों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा, मैं आप सभी रोम के विश्वासियों और विभिन्न देशों से आए तीर्थयात्रियों का स्नेह से अभिवादन करता हूँ।”

संत पापा ने दृढ़ीकरम संस्कार लेनेवाले युवाओं को प्रोत्साहन दिया एवं अंत में सभी को शुभ रविवार की मंगलकामनाएँ अर्पित की।

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