भू-राजनैतिक अनिश्चितता भी हथियारों को रोक नहीं पाई

2025 की एक रिपोर्ट में बताया गया कि भू-राजनैतिक अनिश्चितता भी हथियारों की दौड़ को रोकने में सक्षम नहीं रही है। इस वर्ष केवल यूरोप ने अपने निवेश में 12,6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।

लन्दन स्थित अंतर्राष्ट्रीय सामरिक अध्ययन संस्थान इन्टरनेशनल इन्सटीट्यूट फॉर स्ट्राटेजिक स्टडीज़ की 2025 की रिपोर्ट में बताया गया कि भू-राजनैतिक अनिश्चितता भी हथियारों की दौड़ को रोकने में सक्षम नहीं रही है। इस वर्ष केवल यूरोप ने अपने निवेश में 12,6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।

हथियारों की दौड़
रिपोर्ट में कहा गया कि हथियारों की दौड़ जारी है। 2025 में दुनिया भर में सुरक्षा खर्च अमरीकी डॉलर 2.63 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले साल के 2.48 ट्रिलियन से अधिक  यानी साल-दर-साल 2.5% की बढ़ा है।

संस्था के विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि बढ़ोतरी एक जैसी नहीं रही है अमरीका ने काफ़ी कम खर्च किया है। इसकी वजह एक तरफ़ यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य मदद में कमी है और दूसरी तरफ़ पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के साइन किए गए नए डिफ़ेंस बजट से लगी रुकावटें हैं। रूस भी इसी रास्ते पर चल रहा है, क्योंकि मॉस्को अपने मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स को और ज़्यादा कुशल बनाना चाहता है। साथ ही घरेलू फ़ाइनेंशियल दबावों से पहले से ही भारी युद्ध लागत के बोझ तले दबे बजट को भी संतुलित करना चाहता है।

यूरोप आगे
इसके विपरीत, यूरोप की स्थिति अलग है जिसने 2025 में सुरक्षा के लिए करीब 563 अरब अमरीकी डॉलर खर्च किये हैं, जो पिछले साल से 100 अरब अधिक है। इसी प्रकार, एशिया, मध्यपूर्व एवं अफ्रीका के देशों के सैन्य खर्चों में भी पहले से कहीं अधिक वृद्धि देखी गई है।