इस्राएल और अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमले किये; तेहरान ने जवाबी हमला शुरू की
इस्राएल और अमेरिका ने तेहरान एवं कई दूसरे ईरानी शहरों पर मिलकर हमला किया।
ईरानी और क्षेत्रीय रिपोर्टों के मुताबिक, इस्राएल और अमेरिका ने शनिवार सुबह तेहरान और ईरान के कई दूसरे शहरों पर मिलकर हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर का ऑफिस, राष्ट्रपति भवन परिसर और देश भर में कई मिलिट्री स्थलों को निशाना बनाया गया।
ईरान ने भी इस्राएल पर जवाबी हमले किए।
कतर, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत में भी ऐसे धमाके सुने गए, जिन्हें ईरानी हमले माना जा रहा है।
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानियों से अपनी सरकार पर "कब्ज़ा करने" की अपील की थी, और इस पल को "शायद पीढ़ियों के लिए आपका एकमात्र मौका" बताया था।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि उनके लोग और सेना, जिन्हें वे “हमलावर” कहते हैं, उनके खिलाफ “सख्त और जोरदार” जवाब देंगे। साथ ही, उसने अमेरिका और इस्राएल पर “आपराधिक” काम करने का आरोप लगाया।
सरकारी एजेंसी आईआरएनए के एक बयान में, मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी और इस्राएली सेना ने कई शहरों में सुरक्षा संरचना और नागरिकों के जगहों पर हमले किये हैं। उसने इन हमलों को ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया।
मंत्रालय ने अमरीका और सुरक्षा समिति से तुरंत कारर्वाई करने की अपील की और कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
इसने यूएन के सदस्य देशों से भी हमलों की निंदा करने और जवाब में मिलकर कदम उठाने को कहा।
वॉशिंगटन तेहरान पर एक नई परमाणु डील के लिए दबाव बढ़ा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह चल रही बातचीत में ईरान के कदम से “खुश नहीं” हैं।