सिंधुदुर्ग धर्मप्रांत के नये धर्माध्यक्ष फ्रांसिस्को अंतोनियो अग्नेलो जसिंतो पिनहेइरो की नियुक्ति

गोवा और दामन दीव मेट्रोपॉलिटन महाधर्मप्रांतीय पुरोहित फादर फ्रांसिस्को अंतोनियो अग्नेलो जसिंतो पिनहेइरो सिंधुदुर्ग धर्मप्रांत के नये धर्माध्यक्ष नियुक्त किये गये। वे अभी राखोल के पट्रिआर्कल सेमिनरी में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर हैं तथा गोवा और दामन दीव के मेट्रोपॉलिटन महाधर्मप्रांत में अंतरधार्मिक संवाद प्रेरितिक विभाग के प्रभारी हैं।

पोप लियो 14वें ने शनिवार 14फरवरी 2026 को महाराष्ट्र स्थित सिंधुदुर्ग धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष के तौर पर फादर फ्रांसिस्को अंतोनियो अग्नेलो जसिंतो पिनहेइरो को नियुक्त किया है। वे गोवा और दमाओ मेट्रोपॉलिटन महाधर्मप्रांतीय पुरोहित हैं। वे अभी राखोल के पट्रिआर्कल सेमिनरी में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर हैं तथा गोवा और दामन दीव के मेट्रोपॉलिटन महाधर्मप्रांत में अंतरधार्मिक संवाद प्रेरितिक विभाग के प्रभारी हैं।

जीवन परिचय
नवनियुक्त धर्माध्यक्ष फ्रांसिस्को अंतोनियो अग्नेलो जसिंतो पिनहेइरो का जन्म 6 जुलाई, 1972 को राया, गोवा में हुआ था। राखोल के पट्रिआर्कल सेमिनरी में दर्शनशास्त्र और ईशशास्त्र की पढ़ाई करने के बाद, उन्होंने गोवा यूनिवर्सिटी से मनोविज्ञान में स्नातक की डिग्री, पुणे में ज्ञान दीपा इंस्टीट्यूट ऑफ फिलॉसफी एंड थियोलॉजी से दर्शनशास्त्र में मास्टर डिग्री और रोम में पोंटिफिकल ग्रेगोरियन यूनिवर्सिटी से दर्शशास्त्र में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की।

28 अक्टूबर, 2000 को गोवा और दमाओ के मेट्रोपॉलिटन महाधर्मप्रांत के लिए उनका पुरोहिताभिषेक किया गया।

पुरोहित के रुप में उन्होंने ये पद संभाले हैं: कलंगुटे में संत अलेक्स के सहायक पल्ली पुरोहित (2000–2001); राखोल के पैट्रिआर्कल सेमिनरी में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर (2004–2013 और 2017 से); गोवा और दामन दीव के महाधर्मप्रांत में अंतरधार्मिक संवाद प्रेरिताई विभाग के प्रमुख (2018 से); और ड्रामापुर में संत जोसेफ के प्रशासक (2022–2023)।

सिंधुदुर्ग धर्मप्रांत
सिंधुदुर्ग धर्मप्रांत को 5 जुलाई 2005 को पूना धर्मप्रांत से अलग करके बनाया गया था। यह शुरू में बॉम्बे महाधर्मप्रांत के अधीन था और 2006 में संत पापा बेनेडिक्ट16वें ने इसे गोवा और दामन दीव के मेट्रोपॉलिटन महाधर्मप्रांत में स्थानांतरित कर दिया था।

धर्मप्रांत लगभग 21,099 स्क्वायर किलोमीटर के एरिया में फैला है, जिसमें रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिले और कोल्हापुर जिले के कुछ हिस्से शामिल हैं। सावंतवाड़ी धर्मप्रांत का सबसे बड़ा शहर है, जबकि रत्नागिरी और मालवान भी महत्वपूर्ण सेंटर हैं।

धर्मप्रांत में मराठी, कोंकणी और इंग्लिश भाषायें बोली जाती हैं। कोंकणी ज़्यादातर घर पर बोली जाती है, जबकि मराठी प्रशासनिक कामों के लिए इस्तेमाल होती है। काथलिक समुदाय में गोवा की मज़बूत सांस्कृतिक परंपराएं दिखती हैं, क्योंकि कई परिवार लगभग 200 साल पहले गोवा से आये थे।

8 अक्टूबर 2024 को धर्माध्यक्ष एंथनी एल्विन फर्नांडीस बैरेटो के इस्तीफे के बाद से धर्मप्रांत में धर्माध्यक्ष का पद रिक्त था।

अभी, सिंधुदुर्ग धर्मप्रांत के 43 पल्लियों में लगभग 35,974 काथलिक, 47 धर्मप्रांतीय पुरोहित, 58 धर्मसंघी पुरोहित और 120 धर्मबहनें हैं।